March 1, 2026

अब कुल 7 करोड़ 42 लाख वोटर्स हैं, जबकि लगभग 47 लाख नाम हटाए गए। अगर आपका नाम नहीं है तो अभी भी जोड़ने का मौका मौजूद है।

चुनाव आयोग की ओर से जारी नए आँकड़ों में स्पष्ट हुआ है कि ड्राफ्ट मतदाता सूची और अंतिम सूची में बड़ा अंतर देखने को मिला है। आयोग ने बताया कि पात्रता की जाँच के बाद लगभग 3 लाख 66 हजार नाम हटाए गए, जबकि करीब 21 लाख 53 हजार नए मतदाता फॉर्म-6 के ज़रिए जुड़वाए गए। ये वे लोग हैं जिनका नाम पहले ड्राफ्ट लिस्ट में दर्ज नहीं था।

बिहार में SIR प्रक्रिया पूरी

बिहार में इस बार स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) की प्रक्रिया संपन्न हो चुकी है और चुनाव आयोग ने फाइनल वोटर लिस्ट जारी कर दी है। राज्य में फिलहाल कुल 7 करोड़ 42 लाख मतदाता पंजीकृत हैं।
पिछले साल 1 जून 2025 को यह संख्या 7 करोड़ 89 लाख थी। यानी इस बीच कुल 47 लाख मतदाता सूची से बाहर हो गए। वहीं, 1 अगस्त को आई ड्राफ्ट लिस्ट के अनुसार मतदाताओं की संख्या 7 करोड़ 24 लाख थी।

अब भी नाम जुड़वाने का मौका

आयोग के अनुसार, यदि किसी नागरिक का नाम अभी तक सूची में शामिल नहीं हुआ है, तो वह फॉर्म-6 भरकर आवेदन कर सकता है। यह आवेदन नामांकन की अंतिम तारीख से 10 दिन पहले तक स्वीकार किए जाएंगे।
यदि किसी मतदाता को अंतिम सूची या इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर (ERO) के निर्णय पर आपत्ति है, तो वह जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 24 के तहत जिला मजिस्ट्रेट के सामने पहली अपील और चीफ इलेक्टोरल ऑफिसर (CEO) के पास दूसरी अपील दायर कर सकता है।

पटना में वोटर्स की संख्या में इज़ाफा

पटना जिला प्रशासन ने जानकारी दी है कि जिले की 14 विधानसभा क्षेत्रों में अब कुल 48 लाख 15 हजार वोटर्स दर्ज हैं, जबकि ड्राफ्ट सूची में यह संख्या 46 लाख 52 हजार थी। यानी लगभग 1.63 लाख नए मतदाता जुड़े। इनमें से महिला वोटर्स की संख्या 22 लाख 75 हजार है। वहीं, पटना के दीघा विधानसभा क्षेत्र में सबसे अधिक 4.56 लाख मतदाता पंजीकृत हैं।

मुख्य निर्वाचन आयुक्त का धन्यवाद संदेश

मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने बिहार के मतदाताओं और सभी अधिकारियों—BLO, ERO, DEO और CEO—को धन्यवाद देते हुए कहा कि 22 साल बाद SIR प्रक्रिया का सफल समापन सभी के समर्पण और मेहनत का परिणाम है।

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