बसपा की बड़ी तैयारी 9 अक्टूबर को काशीराम स्थल में परिनिर्वाण दिवस के अवसर पर राजधानी में लाखों की संख्या में बसपाई होंगे इकट्ठा पुराने सभी रिकॉड तोड़ेगी पार्टी 9 अक्टूबर 2006 को ही काशीराम जी ने सभी को अलविदा बोले दिए और उनका निधन हो गया ।

उन्हीं के परिनिर्वाण दिवस के रूप में ये एक बड़ा कार्यक्रम आयोजित है साथ ही 2027 विधानसभा चुनाव से पूर्व अपनी ताकत दिखाते हुए यूपी की कुर्सी पर कब्जा करने की तैयारी बसपा में कर रही है पार्टी अपने ताकत से बड़ा संदेश देने की कोशिश कर रही है बड़े स्तर पर बहुजन समाज पार्टी के संस्थापक काशीराम परिनिर्वाण दिवस के अवसर पर राजधानी में 9 अक्टूबर को होने वाली रैली में इकठ्ठा होगे सारे रिकॉर्ड पार्टी तोड़ेगी पार्टी का अनुमान है की रैली में 10 लाख से अधिक की संख्या में अधिक बसपा समर्थकों का जमावड़ा सकता है जिसमें यूपी और उत्तराखंड के साथ अन्य राज्यों से भी हजारों नेता और समर्थक आएंगे फिलहाल रैली को सफल बनाने के साथ लाखों लोगों की भीड़ उमड़ने के दृष्टिगत बड़ी तैयारी चल रही है जिले स्तर पर जिला अध्यक्षों और पार्टी नेताओं को बड़ी जिम्मेदारी सौंप गई है ।
पार्टी मुखिया मायावती जी कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रहेंगी और पूरे कार्यक्रम पर उनकी निगरानी है वहीं पार्टी के राष्ट्रीय को कोऑर्डिनेटर आकाश आनंद पूरे प्रोग्राम को लीड कर रहे हैं अब देखना हैं इस कार्यक्रम से यूपी की राजनीति में क्या माहौल बनता है.
पार्टी सूत्रों की मानें तो रैली के आयोजन का फैसला लेते वक्त केवल यूपी और उत्तराखंड के लोगों को ही बुलाने की सहमति बनी थी, लेकिन कई साल बाद मायावती की रैली होने की वजह से अन्य राज्यों के समर्थक भी आ रहे हैं। दिन-ब-दिन इनकी संख्या बढ़ती जा रही है। केवल यूपी के हर मंडल से 5 लाख से अधिक लोगों के आने का अनुमान है।
वहीं प्रत्येक विधानसभा से 300 बड़ी गाड़ियों से लोगों के आने की सूचनाएं है रैली की तैयारियों के दृष्टिगत शनिवार को भी बसपा के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने कांशीराम स्थल का दौरा किया। वहीं लाखों लोगों की भीड़ उमड़ने के दृष्टिगत जिला प्रशासन से भी समन्वय स्थापित किया जा रहा है।
अब ये तो वक्त बताएगा 2027 के विधानसभा चुनाव में बसपा अपनी क्या भूमिका अदा कर पाती है और यह कार्यक्रम कितना प्रभावित होता है..
More Stories
9 अक्टूबर को मायावती लखनऊ से बदल देंगी नजारा! सतीश चंद्र मिश्रा ने एक झलक शेयर कर नया नारा दिया यूपी तक…..
अब कुल 7 करोड़ 42 लाख वोटर्स हैं, जबकि लगभग 47 लाख नाम हटाए गए। अगर आपका नाम नहीं है तो अभी भी जोड़ने का मौका मौजूद है।